इस दिन पड़ रहा है आषाढ़ माह की विनायक चतुर्थी का व्रत, धन लाभ के लिए करें ये उपाय

Ashadha Month 2022 Vinayak Chaturthi Vrat Date And Muhurat Do These Jyotish Upay

हिंदू धर्म के कैलेंडर के मुताबिक साल का चौथा महीना आषाढ़ का कहलाता है. धार्मिक दृष्टि से विशेष महत्व रखने वाले इस महीने की शुरुआत बीती 15 जून को हुई और अब ये 13 जुलाई तक जारी रहेगा. इस माह में भी पड़ने वाले व्रत का विशेष महत्व होता है. शास्त्रों के मुताबिक आषाढ़ माह ( Ashadha Month 2022 ) के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को विनायक चतुर्थी के नाम से जाना जाता है. इस खास दिन पर व्रत रखना बहुत शुभ माना जाता है. आषाढ़ माह की विनायक चतुर्थी ( Vinayak Chaturthi ) इस बार 3 जुलाई को पड़ रही है. भगवान श्री गणेश को प्रसन्न करने के लिए आप इस दिन उनकी पूजा एवं उपासना कर सकते हैं. इस तिथि के साथ एक खास धार्मिक कहानी भी जुड़ी हुई है. माना जाता है कि इस व्रत पर चंद्रमा को देख सकते हैं, लेकिन उनकी पूजा करना अच्छा नहीं होता. इसका संबंध श्री कृष्ण से जुड़ा हुआ है.

कहते हैं कि द्वापर युग में विनायक चतुर्थी के दिन उन्होंने चंद्रमा को देख लिया था और इस स्थिति में उन पर चोरी की मिथ्या का आरोप लगा था. इस लेख में हम आपको आषाढ़ माह की विनायक चतुर्थी का शुभ मुहूर्त बताने जा रहे हैं. हम आपको ये भी बताएंगे कि इस दिन आप किन उपायों को अपनाकर श्री गणेश को प्रसन्न कर सकते हैं. ये उपाय धन की कमी को दूर कर सकते हैं.

विनायक चतुर्थी व्रत की तिथि और मुहूर्त

हिंदू कैलेंडर के अनुसार इस चतुर्थी की तिथि 2 जुलाई को दोपहर 3 बजकर 16 मिनट पर शुरू होगी और ये 3 जुलाई रविवार की शाम 5 बजकर 06 मिनट तक जारी रहेगी. इस व्रत का शुभ समय 3 जुलाई को 11 बजकर 02 मिनट पर शुरू होगा और ये दिन के 1 बजकर 49 मिनट तक जारी रहेगा. इस शुभ समय के दौरान आप गणेश जी की पूजा कर सकते हैं.

व्रत के दिन करें ये उपाय

दान करें: इस दिन पूजा-पाठ के अलावा आप दान करके पुण्य कमा सकते हैं. भगवान गणेश को लड्डू का भोग अति प्रिय है. आप उन्हें इस मिठाई का भोग लगाकर लोगों में लड्डू दान कर सकते हैं. आपके इस प्रयास से भगवान गणेश ही नहीं माता लक्ष्मी भी प्रसन्न होंगी और आपको हो रही धन की परेशानी भी दूर हो सकती है.

मंत्र का जाप: आप अपनी उपासना के दौरान गणेश जी की कृपा पाने के लिए खास मंत्रों का जाप भी कर सकते हैं. पूजा करते समय ध्यान लगाएं और गजाननं भूतगणाधिसेवितं, कपित्थजम्बूफलचारुभक्षणम्। उमासुतं शोकविनाशकारकम्न, मामि विघ्नेश्वरपादपङ्कजम्॥ का जाप करें. ये मंत्र आपके कष्टों को दूर करेगा या उन्हें सहने की शक्ति भी देगा.

(यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं, इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है. इसे सामान्य जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है.)

Similar Posts