इटावा में सिद्ध पीठ काली बांह मंदिर में एक्टर रवि पांडेय ने माथा टेका, बोले- माता के आशीर्वाद से इस मुकाम तक पहुंचा

Actor Ravi Pandey

उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के इटावा (Etawah) जिले में कई युवाओं ने मुंबई की फिल्मी दुनिया में अपना नाम कमाया है. जिसमें से रवि पांडे ने भी फिल्मी दुनिया में अपना नाम कमा रहे हैं.फिल्म जगत में अपना नाम कमाने वाले अभिनेता रवि पांडे (Actor Ravi Pandey) अब काफी बड़ी पहचान बन चुके हैं. उन्होंने इस इटावा जिले में पले-बड़े. जहां प्राथमिक शिक्षा इंग्लिश मीडियम थियोसोफिकल से शुरुआत की. जिसके बाद इंटर तक की शिक्षा इस्लामिया इंटर कॉलेज से लेकर इटावा के कर्म क्षेत्र महाविद्यालय से BSC साइंस स्नातक की डिग्री हासिल की.

वहीं, रवि पांडे के पिताजी लक्ष्मी नारायण पांडे भारतीय खाद्य निगम एफसीआई मैं मैनेजर की पोस्ट पर कार्यरत थे. 2007 में वह रिटायर हो गए थे और रिटायर होने के बाद लखनऊ में शिफ्ट हो गए थे. साल 2011 में लखनऊ की रहने वाली मोनिका पांडे से विवाह हुआ जो कि समय लखनऊ पीजीआई में डाइटिशियन के पद पर तैनात हैं. रवि पांडे ने बताया मेरे पिताजी लक्ष्मी नारायण पांडे एक्टिंग के खिलाफ थे. लेकिन बाद में मान गए और मेरे भाई अरविंद पांडे और माता सुशीला पांडे ने मुझे बहुत सपोर्ट किया हर तरीके सहारा बनते रहे उन्होंने मुझे हमेशा हिम्मत देने का काम किया.

जानिए एक्टर रवि पांडे ने कब से शुरू की करियर कि शुरुआत?

बता दें कि कर्म क्षेत्र महाविद्यालय से बीएससी करने के बाद वह सन 2000 में दिल्ली एमबीए करने के लिए चले गए थे, लेकिन एमबीए की पढ़ाई में उनका मन नहीं लगा था. जिसके कारण उन्होंने रंगमंच जॉइन की रंगमंच से शिक्षा लेने लगे. साल 2001 दिल्ली में एक्टिंग के रंगमंच से शुरुआत की. उन्होंने बताया श्री राम सेंटर में 3 महीने का कोर्स किया. जिसके बाद राजेश दुआ जी नाटय कला के मंच को साझा किया. धीमे धीमे समय बीतता गया और कला की शिक्षा आगे बढ़ती गई. MSD केंपस के अंदर अरुण माथुर के द्वारा थिएटर क्लास चलाई जा रही थी उनसे भी शिक्षा ग्रहण की.

साल 2004 में दिल्ली से मुंबई तक किया सफर तय

रवि पांडे ने बताया कि 9 अक्टूबर 2004 को दिल्ली से मुंबई का सफर तय किया. जहां कहानी घर घर की मैं कैमियोज रोल से शुरुआत की. टीवी सीरियल धारावाहिक संजोग से बनी संगिनी में सम्राट खुराना के रूप में अभिनय किया. समय बीतता गया और उम्मीद बढ़ती जा रही थी. डीडी कौशिक डीडी उर्दू के लिए काफी सीरियस बतौर हीरो के रूप में अभिनय किया जिसके बाद महुआ चैनल में भी बतौर लीड रोल का किरदार निभाया. साथ ही 2010 में आई ऐडमिशन ओपन मूवी मैं बतौर मुख्य खलनायक के रूप में बड़े पर्दे पर आगाज किया.जिसमें अनुपम खेर आशीष विद्यार्थी जैसे दिग्गज कलाकारों के साथ अभिनय करने का मौका मिला. उनके साथ काम करके बड़ा अच्छा लगा. इसके अलावा बेनी और बबलू, रावण, सल्लू की शादी, जैसी फिल्मों में नजर आए.

रवि पांडे बोले- माता का आशीर्वाद है जो आज इस मुकाम तक पहुंचा

फिल्मी दुनिया में असल पहचान कंगना राणावत की मणिकर्णिका में वकशील अली के किरदार रूप में मिलना शुरू हुआ. फिर (भौकाल) IPS ऑफिसर नवनीत सिकेरा से जुड़ी घटनाओं पर आधारित उनसे जुड़ी हुई है. उन्ही के ऊपर बनी फिल्म जो mx player पर वेब सीरीज को अपना टर्निंग प्वाइंट बताया. जिसमें मुख्य किरदार सलीम का बड़ा रोल अदा किया इस रोल से पूरी फिल्म इंडस्ट्री ने इस रोल की सराहना की गई थी. इसके अलावाजी 5 पर पॉइजिन 2 mx player पर आई में भी दमदार भूमिका निभाई थी. इस दौरान मुम्बई से अपने जिले इटावा में आए रवि पांडे ने सिद्ध पीठ काली माता के मंदिर में माथा टेका और अपनी आने वाली नई वेब सीरीज के लिए कामना की. उन्होंने बताया में अपनी कर्म भूमि मुम्बई से इटावा आता हूँ तो काली माता के मंदिर जरूर आता हूँ. माता का आशीर्वाद है जो आज इस मुकाम तक पहुंचा हूँ.

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