आपके अच्छे कर्म बुरे कर्म को काटते हैं, पढ़ें इससे जुड़ी 5 अनमोल बातें

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जीवन में हर कोई किसी न किसी उद्देश्य को लिए कोई न कोई कर्म अवश्य करता है. दरअसल, कर्म एक क्रिया है, फिर चाहे वो मन से की जाए या शरीर से, जिसका निश्चित रूप से कोई न कोई परिणाम अवश्य निकल कर आता है, जो उस व्यक्ति विशेष को भोगना पड़ता है. कहने का तात्पर्य यह है कि जीवन में हमारे द्वारा किए गए कर्म फिर चाहे वो अच्छे होंं या फिर बुरे वो हमें भुगतना अवश्य पड़ता है. जिसके चलते अक्सर हमें कभी सुख तो कभी दु:ख प्राप्त होते हैं. किसी भी इंसान को कर्म को आखिर किस भाव से करना चाहिए और इसका हमारे जीवन में क्या महत्व है, आइए इसे 5 अनमोल बातों से जानते हैं.

  1. आप अपने जीवन में कामयाब हों या फिर नाकाम याब, ये सभी आपके द्वारा किए गए कार्यों का परिणाम होता है, जिसे दुनिया कर्म के रूप में जानती है.
  2. जीवन में कुछ भी संयोग से या फिर कहें भाग्य से कुछ नहीं होता. आप अपने कार्यों से अपना भाग्य स्वयं बनाते हैं, जिसे कर्म कहते हैं.
  3. हमारे द्वारा किया गया कर्म हमेशा दो दिशाओं में चलता है. यदि हम पुण्य कर्म का जीवन में बीज बोते हैं तो निश्चित रूप से हमें सुख का फल प्राप्त होगा, जबकि हम पाप कर्म का बीज बोते हैं तो हमें उसके दुष्परिणाम रूपी फल के लिए तैयार रहना होगा.
  4. जीवन में व्यक्ति को हमेशा बगैर किसी लाभ की आशा के अपने कर्म को निर्विकार भाव से करना चाहिए.
  5. यदि आप अपने जीवन में बुरे कर्म करके अच्छे भाग्य की कल्पना करते हैं तो वह व्यर्थ ही है क्योंकि यदि हमारे कर्म अच्छे हैं तो हमारा भाग्य भी सुन्दर होगा.