आतंकियों को धूल चटा रही महिलाएं, आप सभी मेरा सुरक्षा कवच- पीएम मोदी, 10 बड़ी बातें

पीएम मोदी ने कहा कि मुझे आज इस बात की भी खुशी है कि भारत की धरती पर अब 75 साल बाद चीता फिर से लौट आया है. उन्होंने कहा कि अब से कुछ देर पहले मुझे कुनो नेशनल पार्क में चीतों को छोड़ने का सौभाग्य मिला.

श्योपुर महिला स्वयं सहायता समूह सम्मेलन में शामिल हुए पीएम मोदी.

Image Credit source: ANI

TV9 Bharatvarsh

TV9 Bharatvarsh | Edited By: अभिषेक कुमार

Sep 17, 2022 | 2:29 PM

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को मध्य प्रदेश के कुनो राष्ट्रीय उद्यान (केएनपी) में नामीबिया से लाए गए चीतों को एक विशेष बाड़े में छोड़ा. इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने श्योपुर महिला स्वयं सहायता समूह सम्मेलन में भाग लिया और विकास केंद्रों का उद्घाटन किया. इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि मुझे आज इस बात की भी खुशी है कि भारत की धरती पर अब 75 साल बाद चीता फिर से लौट आया है. उन्होंने कहा कि अब से कुछ देर पहले मुझे कुनो नेशनल पार्क में चीतों को छोड़ने का सौभाग्य मिला. इस दौरान पीएम मोदी ने जनसभा में मौजूद लोगों से तालियां बजाकर चीतों का स्वागत और नामीबिया सरकार का आभार जताने की अपील की.

ये भी पढ़ें



जानें 10 बड़ी बातें

  1. पीएम मोदी ने कहा कि विश्वकर्मा जयंती पर स्वयं सहायता समूहों का इतना बड़ा सम्मेलन अपने आप में बहुत विशेष है. मैं आप सभी को सभी देशवासियों को विश्वकर्मा पूजा की भी शुभकामनाएं देता हूं.अगर मेरे जन्मदिन पर कोई कार्यक्रम नहीं रहता तो मैं अपनी मां का पास जाता, उनके चरण छू करके आशिर्वाद लेता. आज मैं अपनी मां के पास नहीं जा सका लेकिन आज जब मेरी मां देखेगी कि मध्य प्रदेश के आदीवासी अंचल की लाखों माताएं मुझे आशीर्वाद दे रही हैं, तो उनको जरूर संतोष होगा.
  2. पिछली शताब्दी के भारत और इस शताब्दी के नए भारत में एक बहुत बड़ा अंतर हमारी नारी शक्ति के प्रतिनिधित्व के रूप में आया है. आज के नए भारत में पंचायत भवन से लेकर राष्ट्रपति भवन तक नारीशक्ति का परचम लहरा रहा है. पीएम ने कहा किजिस भी सेक्टर में महिलाओं का प्रतिनिधित्व बढ़ा है, उस क्षेत्र में, उस कार्य में सफलता अपने आप तय हो जाती है. स्वच्छ भारत अभियान की सफलता इसका बेहतरीन उदाहरण है, जिसको महिलाओं ने नेतृत्व दिया है.
  3. मेरे लिए देश की माताएं, बहनें, बेटियां मेरा सबसे बड़ा रक्षा कवच हैं. शक्ति का श्रोत हैं, मेरी प्रेरणा हैं. पीएम मोदी ने कहा कि पिछली सदी के भारत और इस सदी के नए भारत के बीच एक बहुत बड़ा अंतर हमारी नारी शक्ति के प्रतिनिधित्व के रूप में आया है. आज के नए भारत में पंचायत भवन से लेकर राष्ट्रपति भवन तक नारी शक्ति का परचम लहरा रहा है.
  4. पीएम ने कहा कि पिछले 8 वर्षों में स्वयं सहायता समूहों को सशक्त बनाने में हमने हर प्रकार से मदद की है. आज पूरे देश में 8 करोड़ से अधिक बहनें इस अभियान से जुड़ी हैं. हमारा लक्ष्य है कि हर ग्रामीण परिवार से कम से कम एक बहन इस अभियान से जुड़े. उन्होंने कहा कि गांव की अर्थव्यवस्था में, महिला उद्यमियों को आगे बढ़ाने के लिए, उनके लिए नई संभावनाएं बनाने के लिए हमारी सरकार निरंतर काम कर रही है. ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन प्रोडक्ट’ के माध्यम से हम हर जिले के लोकल उत्पादों को बड़े बाज़ारों तक पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं.
  5. सितंबर का ये महीना देश में पोषण माह के रूप में मनाया जा रहा है. भारत की कोशिशों से संयुक्त राष्ट्र ने वर्ष 2023 को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मोटे अन्नाज के वर्ष के रूप में मनाने की घोषणा की है. उन्होंने कहा कि देश में 11 करोड़ से ज्यादा शौचालय बनाकर, 9 करोड़ से ज्यादा उज्जवला के गैस कनेक्शन देकर और करोड़ों परिवारों में नल से जल देकर, आपका जीवन आसान बनाया है.
  6. 2014 के बाद से ही देश, महिलाओं की गरिमा बढ़ाने, महिलाओं के सामने आने वाली चुनौतियों के समाधान में जुटा हुआ है. शौचालय के अभाव में जो दिक्कतें आती थीं, रसोई में लकड़ी के धुएं से जो तकलीफ होती थी, वो आप अच्छी तरह जानती हैं. महिलाओं का आर्थिक सशक्तिकरण उन्हें समाज में भी उतना ही सशक्त करता है. हमारी सरकार ने बेटियों के लिए बंद दरवाजे को खोल दिया है. बेटियां अब सैनिक स्कूलों में भी दाखिला ले रही हैं, पुलिस कमांडो भी बन रही हैं और फौज में भी भर्ती हो रही हैं.
  7. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने श्योपुर महिला स्वयं सहायता समूह सम्मेलन से पहले शनिवार को अपना 72 वां जन्मदिन मना रहे प्रधानमंत्री मोदी ने चीतों को कुनो राष्ट्रीय उद्यान (केएनपी) के एक विशेष बाड़े में छोड़ दिया. चीते धीरे-धीरे पिंजड़ों से बाहर आते दिखे. इस मौके पर मोदी अपने पेशेवर कैमरे से चीतों की तस्वीरें लेते हुए भी दिखाई दिए.
  8. पीएम मोदी ने कहा कि प्रोजेक्ट चीता के तहत सात दशक पहले विलुप्त होने के बाद देश में चीतों को फिर से लाया गया है. उन्होंने कहा कि यह पर्यावरण और वन्य जीव संरक्षण की दिशा में उनकी सरकार का प्रयास है. देश में सात दशक पहले चीतों के विलुप्त होने जाने के बाद प्रोजेक्ट चीता के तहत अफ्रीका महाद्वीप के देश नामीबिया से चीतों को लाकर भारत में बसाया जा रहा है.
  9. प्रधानमंत्री ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि हमने 1952 में चीतों को विलुप्त घोषित कर दिया, लेकिन दशकों तक उन्हें फिर से लाने के लिए कोई रचनात्मक प्रयास नहीं किया गया. उन्होंने भारत में चीतों को फिर से बसाने के कार्यक्रम के सहायता के लिए नामीबिया सरकार को धन्यवाद दिया.
  10. उन्होंने कहा कि प्रोजेक्ट चीता के तहत सात दशक पहले विलुप्त होने के बाद देश में चीतों को फिर से लाया गया है, यह पर्यावरण और वन्यजीव संरक्षण की दिशा में हमारा प्रयास है. मोदी ने कहा कि चीते हमारे मेहमान हैं. हमें कुनो नेशनल पार्क को उन्हें अपना घर बनाने के लिए कुछ महीने का समय देना चाहिए.

आज की बड़ी खबरें

Leave a Reply

Your email address will not be published.