आज से फिर शुरू होगा ज्ञानवापी मस्जिद का सर्वे, 17 मई को कोर्ट को देनी है रिपोर्ट

Gyanwapi

वाराणसी (Varanasi) के ज्ञानवापी मस्जिद में शनिवार को फिर से श्रृंगार गौरी सहित अन्य देवी-देवताओं की स्थिति जानने के लिए सर्वे शुरू होगा. ये सर्वे पांच दिन बाद फिर शुरू हो रहा है और कोर्ट कमिश्नर को 17 मई को सर्वे की रिपोर्ट कोर्ट में पेश करनी है. सर्वे सुबह आठ बजे से 12 बजे तक होगा. इस बार कोर्ट कमिश्नर अजय कुमार मिश्रा के साथ स्पेशल कोर्ट कमिश्नर विशाल सिंह और असिस्टेंट कोर्ट कमिश्नर अजय प्रताप सिंह भी सर्वे (Survey) में मौजूद रहेंगे. जानकारी के मुताबिक आज आयोग की कार्रवाई ज्ञानवापी मस्जिद (Gyanvapi Masjid) के पश्चिमी हिस्से से शुरू होगी और सर्वे के दौरान पीछे की दीवार की वास्तुशिल्प शैली, कलाकृतियां देखी जाएंगी.

तीनों कोर्ट कमिश्नरों ने सभी संबंधित पक्षों को नोटिस जारी कर आयोग की कार्रवाई से अवगत कराया है और रविवार को नमाज स्थल और सोमवार को तहखाने का ताला खोलकर आयोग की कार्यवाही की जाएगी. गौरतलब है कि ज्ञानवापी मस्जिद परिसर का सर्वे 6 मई को शुरू हुआ था और कोर्ट कमिश्नर ने सभी पक्षों के साथ मिलकर मस्जिद की पश्चिम श्रृंगार गौर की वस्तुस्थिति देखने के साथ ही दीवारों की फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी की थी. लेकिन में बाद में मस्जिद के प्रवेश के विरोध के कारण सर्वे को टाल दिया गया. इसके बाद अगले दिन भी सर्वे टीम को मस्जिद में प्रवेश नहीं मिला और सर्वे पर सवाल उठाते हुए कोर्ट में कमिश्नर बदलने की अर्जी दाखिल की गई.

चार दिन की बहस के बाद फिर से सर्व का दिया गया आदेश

इस मामले में चार दिन की लंबी बहस के बाद गुरुवार को कोर्ट कमिश्नर को बदले बिना आयोग की कार्रवाई को जारी रखने का आदेश दिया. कोर्ट कमिश्नर ने शनिवार को आयोग की कार्रवाई शुरू होने के दौरान सभी पक्षों से मौजूद रहने का अनुरोध किया है और सर्वे को लेकर जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने कहा कि आयोग की कार्रवाई में प्रशासन पूरी मदद करेगा. असर में कोर्ट कमिश्नर ने कहा था कि अगर जिला प्रशासन उनकी मदद करता तो पहले ही सर्वे पूरा हो सकता था. लेकिन मुस्लिम पक्ष ने इसका विरोध किया और सर्वे में दखल दिया.

सुप्रीम कोर्ट में मुस्लिम पक्ष को लगा झटका

इस मामले में मुस्लिम पक्ष ने सुप्रीम कोर्ट में भी शुक्रवार को याचिका दाखिल की थी, जिसमें कोर्ट ने सर्वे पर स्टे देने से साफ मना कर दिया. फिलहाल सर्वे के दौरान मौजूद रहने के लिए सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ताओं की टीम बनारस पहुंच गई है. इनमें वरिष्ठ अधिवक्ता हरिशंकर जैन, उनके पुत्र विष्णुशंकर जैन और वादी के दो अन्य अधिवक्ता शामिल हैं. इसके साथ ही इस मामले में वादी राखी सिंह के वकील और उनके चाचा जितेंद्र सिंह बिसेन भी पहली बार सर्वे स्थल पर मौजूद रहेंगे. जबकि वादी लक्ष्मी देवी की जगह उनके पति डॉ सोहन लाल आर्य पावर ऑफ अटॉर्नी की हैसियत से मौजूद रहेंगे.

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