आज फ्यूचर रिटेल के शेयर होल्डर्स की अहम बैठक, रिलायंस के साथ डील पर होगा फैसला, 45% कर्ज रिलायंस को ट्रांसफर करने का प्रस्ताव

Future retail shareholders meeting

आज फ्यूचर रिटेल (Future retail) के शेयर होल्डर्स की अहम बैठक होने वाली है. आज की बैठक में रिलायंस और फ्यूचर ग्रुप (Reliance Future Group deal)के बीच 24713 करोड़ की डील को लेकर फैसला होने वाला है. 21 अप्रैल को क्रेडिटर्स की बैठक होने वाली है. एमेजॉन ने इस बैठक का विरोध किया है. हालांकि, फ्यूचर रिटेल की तरफ से साफ कर दिया गया है कि शेयर होल्डर्स की बैठक का आयोजन NCLT के निर्देश पर किया जा रहा है. इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, फ्यूचर ग्रुप चाहता है कि उसका 45 फीसदी कर्ज रिलायंस को ट्रांसफर कर दिया जाए. फ्यूचर ग्रुप की 19 कंपनियों पर कुल 28921 करोड़ का कर्ज है. कर्ज की यह राशि 31 जनवरी 2022 तक की है. फ्यूचर ग्रुप ने इसमें से 12612 करोड़ का लोन रिलायंस को ट्रांसफर करने का प्रस्ताव दिया है.

फ्यूचर ग्रुप के इस प्रस्ताव पर लेंडर्स यानी बैंक उहापोह वाली स्थिति में हैं, क्योंकि बैंकों को यह पता नहीं चल पाया है कि यह प्रस्ताव रिलायंस की तरफ से है या फिर फ्यूचर ग्रुप ने खुद यह प्रस्ताव रखा है. मामले से जुडे़ लोगों का कहना है कि रिलायंस रिटेल अगस्त 2020 की शर्तों के आधार पर फ्यूचर ग्रुप का अधिग्रहण करना चाहता है. ऐसे में बैंकों के बीच कर्ज को लेकर संशय की स्थिति बनी हुई है.

12612 करोड़ का लोन रिलायंस को ट्रांसफर किया जाएगा

फ्यूचर ग्रुप पर कुल 28921 करोड़ का कर्ज है. इसमें से वह 12612 करोड़ का लोन रिलायंस को ट्रांसफर करना चाहता है. बाकी का 16309 करोड़ वह अलग-अलग किश्तों में चुकाना चाहता है. इस लोन में वह 5653 करोड़ रिलायंस के हाथों बेचे जाने वाले असेट से चुकाएगा.

इस तरह लोन चुकाने का प्रस्ताव

रिपोर्ट के मुताबिक, फ्यूचर ग्रुप 4000 करोड़ का लोन एडजस्ट करेगा. 2755 करोड़ का लोन फ्यूचर ग्रुप इंश्योरेंस कंपनी में अपनी हिस्सेदारी बेचकर चुकाएगा. 3500 करोड़ के कर्ज को इक्विटी में बदला जाएगा. कुल 8196 करोड़ का कर्ज फ्यूचर ग्रुप अगले 7.5 सालों में चुकाएगा.

आधे से ज्यादा स्टोर पर रिलायंस का कब्जा

दरअसल रिलायंस रिटेल फ्यूचर रिटेल के आउटलेट को कब्जा कर रहा है. वह अब तक 1500 में 946 स्टोर पर कब्जा कर चुका है. क्विंट की रिपोर्ट के मुताबिक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने इसका विरोध किया है. एसबीआई का कहना है कि बैंकों का फ्यूचर ग्रुप के स्टॉक और असेट पर पूरी तरह कब्जा करने का हक बनता है.

फ्यूचर ग्रुप की 19 कंपनियों को बेचने की योजना

इस बीच आज और कल फ्यूचर ग्रुप की अहम बैठक है. बता दें कि रिलायंस ने अगस्त 2020 में फ्यूचर रिटेल की 19 कंपनियों को 24713 करोड़ में खरीदने का ऐलान किया था. एमेजॉन के विरोध के कारण यह मामला दुनिया की अलग-अलग अदालतों में लंबित है और अभी तक ये डील पूरा नहीं हो पाई है. अगस्त 2020 की डील के मुताबिक, फ्यूचर ग्रुप अपनी 19 कंपनियों को मर्ज करेगी जिसमें उसका लॉजिस्टिक और वेयरहाउस बिजनेस भी शामिल है. इन कंपनियों के मर्जर के बाद फ्यूचर एंटरप्राइजेज लिमिटेड का गठन किया जाएगा जिसे रिलायंस रिटेल के हाथों बेच दिया जाएगा.

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