असम सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दाखिल करने का किया फैसला, 28 लाख लोगों के लिए की गई आधार कार्ड की मांग

असम सरकार ने बुधवार को सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) के समक्ष एक इंटरलोक्यूटरी अर्जी दाखिल करने का फैसला किया, जिसमें 28 लाख लोगों के लिए आधार कार्ड (Aadhar Card) की मांग की गई. बता दें इसमें राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर (NRC) (National Register of Citizenship) लिस्ट से बाहर रह गए लोग भी शामिल हैं. असम के जल संसाधन मंत्री पीयूष हजारिका ने कहा कि राज्य मंत्रिमंडल ने सुप्रीम कोर्ट के समक्ष एक वार्ता आवेदन दाखिल करने को मंजूरी दे दी है. राज्य के करीब 28 लाख लोगों को अभी भी आधार कार्ड नहीं मिल रहे हैं और ये लोग कई केंद्रीय योजनाओं के लाभ से वंचित हैं.

मुख्यमंत्री डॉ हिमंत बिस्वा सरमा की अध्यक्षता में हुई आज की कैबिनेट बैठक ने मंजूरी दे दी है कि, राज्य सरकार एनआरसी से छूटे हुए लोगों के लिए आधार कार्ड की मांग के लिए सुप्रीम कोर्ट के समक्ष एक आईए दायर करेगी. राज्य मंत्रिमंडल ने मानक संचालन प्रक्रिया के पैरा 9 में छूट के लिए सुप्रीम कोर्ट में IEA फाइल करने की मंजूरी दे दी है.

इन लोगों को मिलेगा फायदा

इससे गरीबी रेखा से नीचे के लोगों, छात्रों, पेंशनभोगियों, नौकरी चाहने वालों आदि के एक बड़े वर्ग को फायदा होगा, जिनके पास आधार कार्ड नहीं हैं. असम के मंत्री ने आगे कहा कि राज्य सरकार पहले ही स्पष्ट कर चुकी है कि पहले किए गए एनआरसी को स्वीकार नहीं किया जा सकता है. जल संसाधन मंत्री पीयूष हजारिका ने कहा, ‘हमने इस मुद्दे पर ऑल असम स्टूडेंट्स यूनियन (AASU), असम पब्लिक वर्क्स (APW), असम जातीयतावादी युवा छात्र परिषद (AJYCP) सहित कई संगठनों के साथ चर्चा की है और उन्होंने राज्य सरकार को शीर्ष अदालत में जाने का भी सुझाव दिया है.’

‘आधार कार्ड नागरिकता का दस्तावेज नहीं’

जल संसाधन मंत्री पीयूष हजारिका ने कहा, आधार कार्ड नागरिकता का दस्तावेज नहीं है. दूसरी ओर, असम कैबिनेट ने सोनापुर राजस्व सर्कल के तहत डिमोरिया में रॉयल भूटानी वाणिज्य दूतावास जनरल कार्यालय स्थापित करने के लिए पांच बीघा भूमि बांटने को मंजूरी दी. उन्होंने असम के लोगों को हर मौसम में सड़क संपर्क सुनिश्चित करने के लिए 1,085 लकड़ी के पुलों को आरसीसी पुलों में बदलने के लिए 4,360 करोड़ रुपये की प्रशासनिक मंजूरी भी दी. वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए मुख्यमंत्री जन आपात योजना के लिए 10 करोड़ रुपये, व्यक्ति, संगठन को मौद्रिक पुरस्कार, राज्य सरकार के कक्षा 1 और 2 पदों में भूतपूर्व सैनिकों के लिए 2 प्रतिशत आरक्षण दिए जाने की बात कही गई है.

असम कैबिनेट ने 10 मई, 2022 से बिजली उपभोक्ताओं के लिए तय सब्सिडी को भी मंजूरी दे दी है, ताकि घरेलू उपभोक्ताओं को खुदरा शुल्क में बढ़ोतरी से राहत मिल सके. राज्य भर में लगभग 60 लाख परिवारों को लाभ मिलेगा. ग्रामीण क्षेत्रों में सरकारी भूमि को राज्य और केंद्र सरकार के उपक्रमों, पैरास्टेटल्स आदि को पूर्व सरकारी अनुमोदन के बिना ट्रांसफर करने के लिए अधिकृत किया जाएगा.

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