अफगानिस्तान में भूकंप से तबाही: मलबे में जिंदा दफन हुए सैकड़ों लोग, खोदकर निकाला जा रहा बाहर, अब तक 1000 की मौत

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अफगानिस्तान में गुरुवार तड़के आए भूकंप (Afghanistan Earthquake) ने इतनी भीषण तबाही मचाई कि अब तक ये देश करहा रहा है. तालिबान की आग में पहले से झुलस रहे अफगानिस्तान के लोगों के लिए ये नई आफत कुछ इस तरह आई है, जिसका असर लंबे समय तक रहने वाला है. देश में दो दशक का सबसे विनाशकारी भूकंप (Paktika Province Earthquake) आया है. जिसमें अभी तक 1000 लोगों की मौत हो गई है और 1500 से अधिक लोग घायल हुए हैं. भूकंप इतना शक्तिशाली था कि घर ताश के पत्तों की तरह ढह गए. बड़ी संख्या में लोग मलबे में दब गए, जिन्हें मलबा हटाकर बाहर निकाला जा रहा है.

अफगानिस्तान के पक्तिका प्रांत के गयान जिले में आए भूकंप के कारण लोगों के घर मिट्टी में तबदील हो गए हैं. अधिकारियों का कहना है कि मृतकों की संख्या बढ़ने के आसार हैं. भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 6 बताई गई है. भूकंप ऐसे वक्त पर आया है, जब बीते साल तालिबान का राज आने के बाद अंतरराष्ट्रीय एजेंसी देश से बाहर निकल गई थीं. जिससे अब राहत एवं बचाव कार्य में दिक्कतें आएंगी. इसके अलावा देश में नकदी की किल्लत और आर्थिक संकट के कारण लोग भी गरीबी और भुखमरी का सामना कर रहे हैं. लोगों को बचाने के लिए हेलीकॉप्टर इस्तेमाल किए जा रहे हैं, लेकिन बचाव अभियान तालिबान के लिए किसी चुनौती से कम नहीं है.

पाकिस्तान में 30 कबायली लोगों की मौत

अफगानिस्तान में आए शक्तिशाली भूकंप का असर पाकिस्तान में भी देखा गया है. यहां कम से कम 30 कबायली लोगों की मौत हो गई है, जो 2014 में एक सैन्य अभियान के दौरान विस्थापित हुए थे और सीमा पार कर पड़ोसी मुल्क भाग गए थे. पाकिस्तानी मीडिया में बृहस्पतिवार को प्रकाशित खबर के मुताबिक, भूकंप में जान गंवाने पाकिस्तानी नागरिक उत्तरी वजीरिस्तान के मदाखेल कबीले से ताल्लुक रखते थे. डॉन अखबार की खबर के मुताबिक, पाकिस्तान के 30 कबायली लोगों के शवों को उनके मूल स्थान पर पहुंचाया जाएगा, जिसके लिए पाकिस्तानी अधिकारियों ने अलवर मंडी में पाक-अफगान सरहद को अस्थायी तौर पर खोल दिया है.

खबर में बताया गया है कि घायलों को ले जाने के लिए गुलाम खान सीमा पर भी व्यवस्था की गई है. मीरनशाह में मौजूद सैन्य सूत्रों के मुताबिक, घायलों को हवाई मार्ग से क्षेत्र में स्थापित किए जा रहे विशेष चिकित्सा शिविरों में पहुंचाया जाएगा. खबर में अधिकारियों के हवाले से कहा गया है कि शवों को लाने और घायलों की मदद करने के साथ ही भूकंप प्रभावित लोगों को राशन भी मुहैया कराया जा रहा है. खबर के अनुसार, भूकंप के कारण उत्तरी वजीरिस्तान के दताखेल में एक जांच चौकी भी ढह गई है, जिससे एक सैनिक की मौत हो गई और कम से कम दो अन्य जख्मी हो गए हैं. वहीं, लक्की मरवत जिले के पेजू इलाके में एक घर की छत गिरने से एक स्थानीय फुटबॉल खिलाड़ी की मौत हो गई है.

खैबर-पख्तूनख्वा प्रांत की सरकार के प्रवक्ता मोहम्मद अली सैफ के मुताबिक, घायलों के इलाज के लिए उत्तरी और दक्षिणी वजीरिस्तान के अस्पतालों में बिस्तर आरक्षित किए गए हैं. खबर में यह भी बताया गया है कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की खास हिदायत के तहत अधिकारियों ने अफगानिस्तान में भूकंप पीड़ितों के लिए राहत सामग्री भेजी है. रेडियो पाकिस्तान ने बताया कि आठ ट्रकों के जरिए टेंट, तिरपाल, कंबल और जरूरी दवाओं की एक खेप काबुल भेजी गई है. खबर में कहा गया है कि पाकिस्तान ने अफगानिस्तान को हर संभव मदद मुहैया कराने का आश्वासन दिया है.

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