अपनी गलतियों से कब सीखेगा कंगाल पाकिस्तान, चीन के सामने फिर फैलाई झोली! IMF से भी मदद मिलने का इंतजार

pakistan signs deal for economic package with china also waits for IMF assistance

पाकिस्तान (Pakistan) की अर्थव्यवस्था लंबे समय से संकट में है. इस बीच पाकिस्तान ने चीन (China) के साथ लोन को लेकर 2.3 अरब डॉलर का समझौता किया है. पाकिस्तान ने चीन के बैंकों (Banks) के कंसोर्टियम के साथ यह समझौता किया है. देश का फॉरेन रिजर्व घट रहा है और करेंसी (Currency) में भी तेज गिरावट देखी जा रही है. लोन से कैश की किल्लत से जूझ रही अर्थव्यवस्था को राहत मिलने की उम्मीद है. आर्थिक संकट में फंसे देश को महत्वपूर्ण आयात के लिए भुगतान करना है.

पाकिस्तान के वित्त मंत्री मिफ्ताह इस्माइल ने एक ट्विटर पोस्ट में लिखा कि यह पैसा कुछ दिनों में मिलने की उम्मीद है. उन्होंने चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की अगुवाई में चल रही सरकार का भी ट्रांजैक्शन की सुविधा देने के लिए धन्यवाद किया. डिटेल देते हुए इस्माइल ने लिखा कि चीन के बैंकों के कंसोर्टियम ने आज (बुधवार) को 2.3 अरब डॉलर की लोन की सुविधा के समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं. इससे पहले पाकिस्तान से इस समझौते पर मंगलवार को हस्ताक्षर किए थे.

पाकिस्तान की करेंसी में लगातार गिरावट

लोन के समझौते से संकट से जूझ रही पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था को थोड़ी राहत मिली है. पाकिस्तान की करेंसी में वित्त वर्ष 2021-22 में 34 फीसदी की गिरावट देखी गई है. सोमवार को एक डॉलर के लिए एक्सचेंज रेट 210 पाकिस्तानी रुपया रहा था. इसके अलावा स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान में रखे फॉरैक्स रिजर्व भी 10 जून को गिरकर 9 अरब डॉलर के नीचे चला गया है.

रिजर्व कई हफ्तों से इंपोर्ट कवर लेवल से नीचे बना हुआ है. डॉन अखबार के मुताबिक, पाकिस्तान को वर्तमान में अपने कर्ज को चुकाने और दूसरी चीजों के लिए कम से कम 37 अरब डॉलर की राशि की जरूरत है.

पाकिस्तान पर चीन का 14.5 अरब डॉलर बकाया

हालांकि, जानकारों का मानना है कि समझौते से केवल पाकिस्तान की चीन से बार-बार कर्ज लेने की आदत ही बढ़ेगी. 2021-22 के आर्थिक सर्वे के मुताबिक, चीन पाकिस्तान को आर्थिक मदद देने वाला सबसे बड़ा देश है. चीन के पास अभी पाकिस्तान का 14.5 अरब डॉलर का लोन बकाया है. पाकिस्तान के पास चीन के तीन कमर्शियल बैंकों और तीन सरकारी बैंकों के करीब 8.77 अरब डॉलर बकाया है.

वहीं, पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) से राहत मिलने की भी इंतजार कर रहा है. आईएमएफ और पाकिस्तान के बीच बेलआउट पैकेज को लेकर बातचीत रुक गई थी. लेकिन अब यह दोबारा शुरू हो गई है. आपको बता दें कि पाकिस्तान से साल 2019 में आईएमएफ के साथ समझौता किया था. लेकिन समझौते की कुछ शर्तों को पूरा नहीं कर राने की वजह से आईएमएफ ने इस पैकेज के तहत मिलने वाली राशि को बीच में ही रोक दिया था.

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